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साफ कह दो कि तुम क्या चाहती हो

साफ कह दो की तुम क्या चाहती हो यू इजहार भरी नजरों से देख कर सताया ना करो मुझे अकेले में मिलने बुलाया जो करो खामोश रहकर मुझसे यू शरमाया ना करो